Ek Aisa Prem 🌸
Comments
0 totalSimilar Books
Books semantically related to this poem.

Agar phir kabhi poocha jaye...
by Virendra Kumar Patel
अगर फिर कभी पूछा जाए… एक ऐसी कहानी है जो वीरेंद्र और चित्रा के बीच शुरू होती है - धीरे, बिना शोर के, जैसे कुछ रिश्ते अपने आप बन जाते हैं। एक कोचिंग क्लास, कुछ साधारण मुलाकातें, और फिर वही बात जो अक्सर समझ में नहीं आती- क्यों कुछ लोग पहली बार में ही अपने लगने लगते हैं। वीरेंद्र शांत है, समझने वाला है। चित्रा अलग है- थोड़ी चुप, थोड़ी मजबूत, और अपने भीतर बहुत कुछ छुपाए हुए। दोनों एक-दूसरे की आदत बन जाते हैं, बिना किसी नाम के, बिना किसी वादे के। लेकिन जैसे-जैसे उनका रिश्ता गहराता है, वैसे-वैसे बाहर की दुनिया भी उनके बीच आकर खड़ी होने लगती है- परिवार, समाज, छोटे शहर की सोच, और वो जिम्मेदारियाँ जो प्यार से बड़ी हो जाती हैं। ये कहानी किसी एक मोड़ की नहीं है, बल्कि उन छोटे-छोटे पलों की है जहाँ रिश्ता बनता भी है और धीरे-धीरे टूटता भी है। जहाँ साथ होने से ज्यादा मुश्किल होता है साथ निभा पाना। जहाँ हर सही चीज़, हर बार सही समय पर नहीं मिलती। ये किताब शादी की कहानी नहीं है, बल्कि उस समझ की कहानी है जो तब आती है जब हम किसी को खोकर भी उसे गलत नहीं ठहरा पाते। और फिर एक दिन… जब सवाल सामने खड़ा होता है - क्या वीरेंद्र और चित्रा सच में साथ हो पाएंगे… या उनका रिश्ता भी उन्हीं कहानियों में शामिल हो जाएगा जो अधूरी रहकर ही पूरी लगती हैं

Chandpur Ki Chanda । चाँदपुर की चंदा
by Atul Kumar Rai
कुछ साल पहले पिंकी और मंटू का प्रेम-पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और ऐसे वायरल हुआ कि उसे शेयर करने वालों में हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के छात्र भी थे और यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी। लेकिन उस छोटे से प्रेम-पत्र के पीछे की बड़ी कहानी क्या थी, यह किसी को नहीं मालूम। क्या था उन दो प्रेमियों का संघर्ष? ‘चाँदपुर की चंदा’ क्या उस मंटू और पिंकी की रोमांटिक प्रेम-कहानी भर है? नहीं, यह उपन्यास बस एक खूबसूरत, मर्मस्पर्शी वायरल प्रेम-कहानी भर नहीं है, बल्कि यह हमारे समय और हमारे समाज के कई कड़वे सवालों से टकराते हुए, हमारी ग्रामीण संस्कृति की विलुप्त होती वो झाँकी है, जो पन्ने-दर-पन्ने एक ऐसे महावृत्तांत का रूप धारण कर लेती है जिसमें हम डूबते चले जाते हैं और हँसते, गाते, रोते और मुस्कुराते हुए महसूस करते हैं। यह कहानी न सिर्फ़ हमारे अपने गाँव, गली और मोहल्ले की है, बल्कि यह कहानी हमारे समय और समाज की सबसे जरूरी कहानी भी है।

Chand Pe Chai
by Rajesh Tailang
राजेश तैलंग, के बड़े भाई, सुधीर तैलंग, ऊँचे दर्जे के आर्टिस्ट थे और एक नामवर कार्टूनिस्ट! मैं उनका प्रशंसक था। राजेश तैलंग भी शौहरत के हाईवे के राहगीर हैं। ख़ूबसूरत कविताएँ लुटाते आगे बढ़ रहे हैं। ये हाईवे शायद चाँद पर पहुँच कर रुके ! “डीयर राजेश, वहीं चाय पर मिलेंगे।' गुडलक ! -गुलज़ार / राजेश ने कविताओं में जो बातें कही हैं-भोली-भाली, मधुर, सच्ची, लाड़ से मुस्कुराती, बलखाती, मचल-मचल पड़ती, कभी नटखट तो कभी आमन्त्रण भरी या कुल मिलाकर कहें तो एक हक़ीक़त झीनी-झीनी। इनमें संकेत भी हैं और मनुहार भी। बातों को आसानी से कह देना बहुत मुश्किल होता है जो आपके पास पहुँचती हैं, दिल को छू जाती हैं और फिर वहीं ठहर जाती हैं अपनी रसभरी नरम सुगन्ध के साथ। -पीयूष मिश्रा

पहली उड़ान
by Kapil Mishra
पहली उड़ान एक ऐसा काव्य संग्रह है जो जीवन की विभिन्न अनुभूतियों—प्रेम, पीड़ा, बिछड़न, आशा, संघर्ष और आत्मचिंतन—को शब्दों में पिरोता है। इस संग्रह में संकलित कविताएं पाठक को भीतर तक झकझोरती हैं और उन्हें खुद से, अपने बीते पलों और आने वाले कल से जोड़ देती हैं। हर कविता एक अलग भावभूमि पर खड़ी है — कोई विरह की तपन को स्वर देती है, तो कोई प्रेम की नमी को। कहीं समाज की कठोर सच्चाई है, तो कहीं आत्मा की कोमल पुकार। यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जो केवल पढ़ना नहीं, अनुभव करना चाहते हैं। जिनके लिए कविता केवल रचना नहीं, एक आत्मीय संवाद है।
![White Nights । व्हाइट नाइट्स [ विश्व प्रसिद्ध कहानी White Nights का हिंदी अनुवाद ]](https://feelfreetoread-images.b-cdn.net/books/white-nights-white-nights/1.jpg?width=1080&quality=50)
White Nights । व्हाइट नाइट्स [ विश्व प्रसिद्ध कहानी White Nights का हिंदी अनुवाद ]
by Fyodor Dostoyevsky
व्हाइट नाइट्स (White Nights) फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की की कृतियों में एक विशिष्ट और अत्यंत कोमल स्थान रखती है। यह कोई त्रासदी नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर पलने वाले अकेलेपन, स्वप्न और क्षणिक प्रेम की मार्मिक कथा है। यह कहानी उन भावनाओं का दस्तावेज़ है जो अक्सर ज़ोर से नहीं बोलतीं—जो चुपचाप मन के कोनों में पलती रहती हैं। यहाँ प्रेम किसी स्थायी वचन की तरह नहीं आता, बल्कि एक उजली रात की तरह क्षण भर के लिए जीवन को रोशन करता है और स्मृति बनकर रह जाता है। व्हाइट नाइट्स एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो सपनों में जीता है और एक ऐसी मुलाक़ात की, जो जीवन भर के अकेलेपन को एक क्षण के लिए अर्थवान बना देती है। यह अधूरी आकांक्षाओं, न कहे गए प्रेम और स्वप्निल संवेदनाओं का अनुपम साहित्यिक अनुभव है।

HAMINASTO: JO KAHIN, SAB YAHIN / हमींअस्तो: जो कहीं, सब यहीं : (NAYI KAVITAEN AUR SHAYARIYAN) / (नई कविताएँ और शायरियाँ)
by Shiv Shankar Jha
The writer is on a search spree: a search for his true identity. His identity as a devotee, as a lover, as a loyal son of the land and as a poet. The poet, through his words, has tried to turn all the stones of human personality upside down. The author believes that peace can be found outside only if there is peace within. Harmony within us is a thing to celebrate. Posing questions to oneself, cheering oneself and being unsatisfied with oneself are all inseparable human traits. Each feeling should be cherished with the thought that nothing is eternal in this world. There is no perfect end or beginning to anything. Beauty lies in this fleeting moment, and these handful of poems are an honest attempt to share this realisation with the world.

Riktiyon Mein Pahaad । रिक्तियों में पहाड़
by Ashok Kumar
पहाड़ जब मेहमान बनकर कविता के घर आता है तब वह अपने साथ पहाड़ की विडंबनाएँ, उसके दुःख और अंतर्विरोध भी साथ लेकर आता है। अशोक का कवि लोकतंत्र की सँकरी सड़क पर कविता की बांसुरी, पुरखों की बोली ढूँढ रहा है यह जानते हुए भी कि यह समय भाषाओं के अकाल का समय है। ये कविताएँ गहरी संवेदना में डूबकर लिखी गई कविताएँ हैं : “कितनी सर्द है यह दुनिया। आओ पास आओ। थोड़ा ताप दो और बचा लो इसे।” ये कविताएँ समकालीन कविता की दुनिया में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज करेंगी ऐसा मेरा विश्वास है। —प्रोफ़ेसर कुमार कृष्ण (हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला)