
पहली उड़ान
by Kapil Mishra
पहली उड़ान एक ऐसा काव्य संग्रह है जो जीवन की विभिन्न अनुभूतियों—प्रेम, पीड़ा, बिछड़न, आशा, संघर्ष और आत्मचिंतन—को शब्दों में पिरोता है। इस संग्रह में संकलित कविताएं पाठक को भीतर तक झकझोरती हैं और उन्हें खुद से, अपने बीते पलों और आने वाले कल से जोड़ देती हैं। हर कविता एक अलग भावभूमि पर खड़ी है — कोई विरह की तपन को स्वर देती है, तो कोई प्रेम की नमी को। कहीं समाज की कठोर सच्चाई है, तो कहीं आत्मा की कोमल पुकार। यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जो केवल पढ़ना नहीं, अनुभव करना चाहते हैं। जिनके लिए कविता केवल रचना नहीं, एक आत्मीय संवाद है।
Publication year
2025
Publisher
jec publication
ISBN
978-9369762040
About the author

Kapil Mishra
Kapilmishrasir@gmail.com
कपिल मिश्रा मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक नगर बुरहानपुर के निवासी हैं। पेशे से शिक्षक होने के साथ-साथ आप सनातन परंपरा से जुड़े एक कर्मकांडी ब्राह्मण भी हैं और वैदिक संस्कारों तथा धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय रूप से योगदान देते हैं। आप अपने छोटे भाई पंडित सचिन जी मिश्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में सेवा और सहभागिता करते हुए अध्यात्म और समाज के बीच एक सेतु का कार्य कर रहे हैं। साहित्य के क्षेत्र में कपिल मिश्रा एक संवेदनशील कवि और कहानीकार के रूप में पहचाने जाते हैं। उनकी लेखनी समकालीन समाज की विसंगतियों, विडंबनाओं और बदलते मानवीय मूल्यों पर तीखा, परंतु सार्थक कटाक्ष करती है। उनकी रचनाओं में यथार्थ की स्पष्टता, सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदना का सशक्त संगम दिखाई देता है। धर्म, समाज और वर्तमान समय की सच्चाइयों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करना उनकी रचनात्मक यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।