Arpit Kumar29 May 2026
वो क्यों गया ?
LyricFree Verse#modern#city#loneliness+5 more
एक पूरा का पूरा शहर मेरे भीतर आज मर गया,
वो क्या गया, कि लफ़्ज़ों का सारा नशा ही उतर गया।
आजकल तो तुम बस की-बोर्ड पर रगड़ते हो जज़्बातों को,
रूह में जो सीधी कील ठोक दे, वो लुहार किधर गया?
मौत से सौदेबाज़ी में भी उसने कोई दलाली नहीं की,
हम किश्तों में टूट रहे थे, वो एकमुश्त ही मर गया।
रिश्तों की मैली कमीज़ अब कौन धोएगा खारे आँसुओं से,
वो जो दर्द को चबाकर थूकता था, वो आख़िरी फनकार गुज़र गया।
अब ढूँढते रहना उसे इन नीली रोशनियों के मलबे में,
ज़मीन का एक कच्चा दर्द आज उस पार जाकर बिखर गया।
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