Arpit Kumar11 June 2026
प्रेम लिखा नहीं जाता
LyricSonnet#love#words#emotions+7 more
लोग पूछते हैं—
प्रेम किसने लिखा था पहली बार?
मैं सोचता हूँ, शायद किसी ने नहीं।
क्योंकि प्रेम लिखा नहीं जाता, प्रेम वह हाथ है जो कलम को पकड़ लेता है।
जिसने पहली बार प्रेम पर लिखा होगा, उसने प्रेम नहीं लिखा होगा, उसने अपनी प्रतीक्षा लिखी होगी, अपने भीतर की रिक्तता, किसी के आने से पहले का सन्नाटा और उसके जाने के बाद की गूँज लिखी होगी।
प्रेम कभी शब्द नहीं बनता, शब्द तो केवल उसके वस्त्र हैं।
जैसे नदी नक्शे में नहीं बहती, आग पुस्तकों में नहीं जलती, और आकाश किसी चित्र में नहीं समाता,
वैसे ही प्रेम कविताओं में नहीं रहता।
वह कविताओं के पीछे खड़ा रहता है, अदृश्य, मगर प्रत्येक पंक्ति की धड़कन बनकर।
तुम एक शेर पढ़ते हो और वर्षों पुराना कोई चेहरा अचानक लौट आता है।
तुम एक पंक्ति पढ़ते हो और भीतर कहीं एक भूला हुआ दर्द जाग उठता है।
यह शब्दों की शक्ति नहीं है।
यह प्रेम है, जो शब्दों का सहारा लेकर तुम तक पहुँच जाता है।
इसलिए मैं यह नहीं कहता कि प्रेम पर लिखा नहीं जा सकता।
मैं केवल इतना कहता हूँ
जिस दिन प्रेम पूरी तरह लिख दिया जाएगा, उस दिन कविता मर जाएगी।
क्योंकि कविता वहीं जन्म लेती है जहाँ कुछ अनकहा रह जाता है।
और प्रेम
प्रेम शायद वही है जो अंत तक अनकहा रह जाता है।
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