
@arpit-kumar
अर्पित कुमार (आयु 19 वर्ष) का जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले में हुआ और वर्तमान में वे रायबरेली में निवास करते हैं। इनके पिता श्री इन्दल एवं माता श्रीमती सुनीता हैं। अर्पित कुमार एक उभरते हुए हिंदी कवि एवं लेखक हैं। इन्होंने लेखन की शुरुआत कक्षा 10वीं से की, जब शब्द उनके लिए केवल अभिव्यक्ति नहीं बल्कि आत्मसंवाद का माध्यम बन गए। सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदनाएँ, पितृसत्ता, धार्मिक विसंगतियाँ और अस्तित्व के प्रश्न उनकी रचनाओं के प्रमुख विषय हैं। इनकी पहली पुस्तक “शून्य के हाशिये पर” प्रकाशित हो चुकी है, जिसमें जीवन, संघर्ष और आत्ममंथन की गहरी छाप दिखाई देती है। वर्तमान में अर्पित कुमार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहे हैं और साहित्य तथा चिंतन—दोनों क्षेत्रों में निरंतर साधना कर रहे हैं। उनका मानना है कि लेखन केवल भावनाओं का प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज के सामने सच रखने का दायित्व है।
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