Tanu Chouhan24 July 2026
बस वो पल
मैं चाहती हूँ तेरे साथ जीना
हर मौसम, हर बदलता रंग
जब धूप भी ढल जाएगी शाम में
तेरे बाल जब सफ़ेद होंगे
मैं उनमें हाथ फेरूँगी
ठीक वैसे जैसे पहली बार हम मिले थे
और झुर्रियों की हर लकीर में
कहानी होगी हमारे बीते हुए दिनों की
जब कभी थक जाऊँगी मैं
तुझसे हक़ से कहूँगी मैं
एक कप कॉफ़ी बना दो
उस कॉफ़ी के कप में तेरी छुअन
और शक़्कर से लेकर मेरे होठों तक
सिर्फ़ प्रेम और ख़ुशी होगी
इतनी ख़ुशी
कि वो मुझे दुनिया की आख़िरी ख़ुशी लगेगी
लोग ढूँढते हैं ख़ुशी दुनिया में कहीं
मुझे बस तेरा होना काफ़ी होगा उस वक़्त भी
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