
"बोगनवेलिया का दुःख" प्रेम और उसके विविध रूपों पर लिखा गया एक गहन काव्य-संग्रह है। लेखिका ईप्सित पांडेय प्रेम को केवल आकर्षण या वियोग की क्षणिक भावनाओं तक सीमित नहीं मानतीं, बल्कि उसे हृदय और आत्मा के बीच का एक शाश्वत संवाद मानती हैं। इस पुस्तक की कविताएँ एक मौन प्रेम-पत्र की तरह हैं—जहाँ प्रेम मिलन की उजली किरणों में भी है और बिछोह की काली स्याही में भी। यह संग्रह आपको अपने भीतर झाँकने का आमंत्रण देता है—अपने प्रेम, अपने संबंधों और अपनी संवेदनाओं को नए दृष्टिकोण से देखने के लिए। हर कविता आपको यह याद दिलाएगी कि प्रेम केवल कवि का अनुभव नहीं है, बल्कि आपका भी है—माँ, पिता, प्रेयसी, प्रेमी, भाई-बहन, मित्र और यहाँ तक कि प्रकृति से भी। यही कारण है कि यह पुस्तक सिर्फ कवि की यात्रा नहीं, बल्कि पाठक की भी यात्रा बन जाती है। "बोगनवेलिया का दुःख" प्रेम, पीड़ा और स्वीकृति का एक पुष्पगुच्छ है— एक दर्पण, जिसमें हर पाठक अपना ही हृदय प्रतिबिंबित देख सकता है।
Publisher
Khyaati Prakashan
ISBN
978-8199067868