
Jaun Elia: Ek Ajab Ghazab Shayar
by Muntazir Firozabadi
Reading books is a kind of enjoyment. Reading books is a good habit. We bring you a different kinds of books. You can carry this book where ever you want. It is easy to carry. It can be an ideal gift to yourself and to your loved ones. Care instruction keep away from fire.
Publisher
Hind Yugm
ISBN
978-9384419998
About the author

उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद ज़िले से ताल्लुक़ रखने वाले मुंतज़िर फ़िरोज़ाबादी का अस्ल नाम अनन्त भारद्वाज है। अपनी शुरुआती तालीम पूरी करके मेरठ से B.Tech. की और जालंधर से M.Tech की डिग्री ले चुके हैं। परिवार के लोग चाहते थे कि प्रसाशनिक सेवा में जाएँ लेकिन इनका दिलो-दिमाग़ अदब के अलावा कहीं लगा ही नहीं। इन दिनों तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद में एसोसिएट प्रोफ़ेसर हैं। शायरी करते हैं और मुशायरों एवं कवि-सम्मेलनों में शिरकत भी। क्लासिक शायरों पर रिसर्च करना इनका शौक़ भी है और ज़ौक़ भी। जौन एलिया साहब को अपनी ज़िंदगी में वो अदद जगह देते हैं कि उनकी सुब्ह जौन के शे'र से होती है। कहीं-कहीं वह जौन को अपनी शायरी में भी ले आते हैं, मसलन- हमको है इश्क़ उससे जो है 'जौन एलिया' यानी कि आपके कोई क़ाबिल न होंगे हम